अनु के आर्यवर्धन को छोडा,सच्चे प्यार की कहानी में नया मोड
सीरियल तुम से तुम तक में अनु और आर्यवर्धन के बीच परिवार की दीवार ने इन दोनो के बीच सबकुछ खत्म कर दिया है।अनु तो बहुत ही पहले ही आर्यवर्धन से अपने दिल की बात कह चुकी थी। अनु आर्यवर्धन से बहुत दिनो से यही बात सुनना चाहती थी कि,आर्यवर्धन भी उससे बहुत ही ज्यादा प्यार करता है। जब आर्यवर्धन को आतंकवादियो से बचाकर अनु अपने घर अकेले वापस जा रही थी।
lucknow
5:53 PM, Jan 31, 2026
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photo by- google
उत्तर प्रदेश। सीरियल तुम से तुम तक में अनु और आर्यवर्धन के बीच परिवार की दीवार ने इन दोनो के बीच सबकुछ खत्म कर दिया है।अनु तो बहुत ही पहले ही आर्यवर्धन से अपने दिल की बात कह चुकी थी। अनु आर्यवर्धन से बहुत दिनो से यही बात सुनना चाहती थी कि,आर्यवर्धन भी उससे बहुत ही ज्यादा प्यार करता है। जब आर्यवर्धन को आतंकवादियो से बचाकर अनु अपने घर अकेले वापस जा रही थी। तब आर्यवर्धन ने उसे अपने दिल की बात एक खास अंदाज में बताई। तब अनु कुछ पल के लिए अपने परिवार से किया वादा कि,वह आर्यवर्धन के साथ अपना रिश्ता खत्म कर देगी। वह भूल गई। उसने वह पल बिल्कुल खुल कर जिया। अनु ने आर्यवर्धन की दी गई अगूंठी भी पहनी और अनु ने भी आर्यवर्धन को बताया कि,वह भी उससे बहुत ही प्यार करती है। लेकिन जब अनु को सबकुछ याद आया। तब वह एकदम से आर्यवर्धन को छोड कर भाग गयी। आर्यवर्धन को लगा कि,अनु शर्म गई है।
आर्यवर्धन अनु के ख्यालो रातभर जागा
आर्यवर्धन जब अपने घर पहुंचा,तब आर्यवर्धन अपने परिवार से मिलकर बहुत ही ज्यादा खुश था कि,वह अपने घर पर बहुत दिनो के बाद गया है। आर्यवर्धन अपने परिवार के लोगो से बहुत सारी बाते कि,उसके बाद जब वह सोने के लिए अपने कमरे में गया। तब वह सिर्फ अनु के बारे मे ही सोच रहा था। उसके मन मे अनु को लेकर कई सारे सपने थे कि,वो कैसे अनु के साथ अपनी आगे की जिंदगी बिताएंगा। इन्हीं ख्यालो को लेकर उसकी नींद हराम हो गयी थी। वह रातभर सिर्फ अनु के बारे में सोचता रहा है। वही दूसरी ओर अनु रोते रही कि,वो कैसे आर्यवर्धन को मना करेगी कि,वो आर्यवर्धन के साथ अब नही रह सकती है।
अनु ने पापा को बताई सारी बात
अनु जब आर्यवर्धन का बचाकर अपने घर आती है। तब वह अपने पापा को सारी बाते बता देती है कि,वह आर्यवर्धन को नही रोक पायी। जब आर्यवर्धन अनु को अपने दिल की बात बता रहा था और उसके अपने प्यार की निशानी के रूप में एक अंगूठी भी दे रहा था। अनु के पापा अनु को कुछ नही कहते है बल्कि उसे सच बोलने के लिए उसकी तरीफ करते है कि,अनु ने परिवार वालो से कुछ नही छुपाया। अनु के पापा वह आर्यवर्धन की दी गई अंगूठी अनु से लेकर अपने घर के मंदिर में रख देते है और भगवान के सामने बोलते है कि,जब सही मौका होगा तब वह आर्यवर्धन को उनकी अंगूठी वापस कर देंगे।
ऑफिस में आर्यवर्धन को अनु का इंतजार
अनु अगली सुबह उठकर ऑफिस के लिए तैयार होती है। तब उसके परिवार के लोग पूछते है कि,कहां जा रही हो। तब अनु बोलती है कि,मैं ऑफिस जा रही हूं। मुझे ऑफिस जाकर आर्यवर्धन से सारी बातो को बताना होगा कि,अब हमारे बीच कुछ नही हो सकता है। तब वह ऑफिस जाती है। आर्यवर्धन जब ऑफिस जाता है।तब अनु ऑफिस नही आयी होती है। ऑफिस में आर्यवर्धन का सब लोग स्वागत कर रहे होते है कि,वह आतंकवादियो से बचकर वापस आया है। तब आर्यवर्धन पूरे ऑफिस के सामने बोलता है कि,मीरा और झेंडे की वजह से मै यहां आप सब के सामने खडा हूं। इन दोनो का मेरी लाइफ में होना,बहुत ही गर्व की बात है।
अनु ने आर्यवर्धन के साथ रहने का किया मना
आर्यवर्धन कहता है कि,अनु नही दिखाई दे रही है। तब मीरा अनु का नीचा दिखाने के लिए बोलती है कि,वह हमेशा की तरह ही लेट होगी। लेकिन तभी वहां पर अनु आ जाती है। तब आर्यवर्धन अनु के पास जाता है और ऑफिस में सबके सामने बोलता है कि,मैं अभी जो बोला है कि,मीरा और झेंडे की वजह से मैं यहा पर हूं। वैसे ही अनु का भी बहुत ही बडा योगदान है मेरा सही सलामत होने का यहां पर ऑफिस में। तब आर्यवर्धन अनु का अपने कैबिन मेें आने का बोलता है। तब अनु आर्यवर्धन के कैबिन में जाती है। तब आर्यवर्धन उससे बोलता है कि,मां तुमसे मिलना चाहती है और मैंने तुम्हारे लिए घर पर खाना खाने का प्लान बनाया है। तब अनु से आर्यवर्धन कहता है कि,क्या हो गया है कि,तुम कुछ बोल ही नही रही हो। तब अनु आर्यवर्धन से कह देंती है कि,वह आर्यवर्धन के साथ आगे की जिंदगी नही बिता सकती है और हम दोनो का कोई भी भविष्य नही है। जिसको लेकर आर्यवर्धन कुछ पलो के लिए कुछ समझ ही नही पाता है। आर्यवर्धन अनु से बोलता है कि,यह सब तुम क्या बोल रहा है। तुम पहले आराम से बैठे और तब सोच — समझकर बोलो। तब अनु बोलती है कि,यह सब मैने सोच — समझ कर ही बोला है।
आर्यवर्धन को टूटा दिल
आर्यवर्धन को अनु की बातो का बहुत ही बुरा लगता है। आर्यवर्धन ने जो अनु के सपने सजाए थे। वो सब एक ही पल में टूट गए। अनु भी बहुत दुखी होती है कि,इतने वक्त से वो ही आर्यवर्धन के पीछे पडी हुई थी। कि,आर्यवर्धन उसको अपने दिल की बात बताए। जब वो दिन आए तब उसके आर्यवर्धन को मना कर दिया।आर्यवर्धन इन सब बातो का लेकर बहुत ही ज्यादा परेशान हो जाता है और वही दूसरी ओर अनु भी अपने कैबिन में रो रही होती है। तब मीरा अनु को कैबिन मे रोती हुई देखती है। तब मीरा जाकर पूछती है। लेकिन अनु कुछ नही बोलती है। तब मीरा आर्यवर्धन के पास उसको उसकी मीटिंग के बारे में यादा दिलाने जाती है। लेकिन आर्यवर्धन सारी मीटिंग को कैंसल कर देता है और घर चला जाता है। अब देखने वाली बात तो यह होगी कि,क्या इन दोनो यही तक का साथ था या फिर प्यार की ताकत इन दोनो को फिर साथ लेकर आएंगी।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर