स्मार्ट मीटर के खिलाफ 'आप' का शक्ति भवन पर हल्लाबोल, सड़कों पर छिड़ा दंगल
लखनऊ के हजरतगंज में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब आम आदमी पार्टी ( के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने 'स्मार्ट मीटर' के विरोध में योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शक्ति भवन के सामने हुआ यह प्रदर्शन इतना उग्र था कि पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। राजधानी की सड़कों पर घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच जबरदस्त 'दंगल' देखने को मिला
lucknow
1:39 PM, May 3, 2026
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लखनऊ की सड़कों पर AAP कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जबरदस्त भिड़ंत सौ0 bma7.in
लखनऊ के हजरतगंज में शुक्रवार को आम आदमी पार्टीके सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने 'स्मार्ट मीटर' के विरोध में योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शक्ति भवन के सामने हुआ यह प्रदर्शन इतना उग्र था कि पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। राजधानी की सड़कों पर घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच जबरदस्त 'दंगल' देखने को मिला।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने सीधे तौर पर सरकार पर निशाना साधते हुए स्मार्ट मीटरों को 'स्मार्ट चीटर' करार दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रदेश में बिजली विभाग की मिलीभगत से जनता की जेब पर डकैती डाली जा रही है। भीषण गर्मी के इस मौसम में जब पारा 45 डिग्री के पार है, तब स्मार्ट मीटरों के कारण लोगों का बिजली बिल दोगुना-तिगुना आ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इन 'लुटेरे' मीटरों को तुरंत हटाया जाए और पुराने मीटर वापस लगाए जाएं।
स्मार्ट मीटर या 'स्मार्ट चीटर': आप का हल्ला बोल सौ0 bma7.in
हाथों में तिरंगा और 'बिजली बिल कम करो' के बैनर थामे कार्यकर्ता जब शक्ति भवन से विधानसभा की ओर बढ़ने लगे, तो पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। देखते ही देखते शांतिपूर्ण मार्च एक युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पर चढ़कर नारेबाजी की और आगे बढ़ने की जिद पर अड़े रहे। पुलिस और 'आप' कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। कई कार्यकर्ता सड़क पर ही लेट गए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे, जिससे हजरतगंज की मुख्य सड़क पर ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया।
जनता के बीच बढ़ता आक्रोश सौ0 bma7.in
स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने बल प्रयोग शुरू किया और प्रदर्शन कर रहे दर्जनों कार्यकर्ताओं को जबरन बसों में भरकर पुलिस लाइन भेजना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि, चाहे उन्हें जेल भेज दिया जाए, लेकिन जब तक स्मार्ट मीटर की लूट बंद नहीं होगी, यह आंदोलन थमने वाला नहीं है।
हिरासत में नेता और कार्यकर्ताओं का गुस्सा सौ0 bma7.in
यह केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन नहीं था, बल्कि इसमें आम जनता का दर्द भी शामिल दिखा। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि, रिचार्ज खत्म होते ही रात के 12 बजे बिजली काट दी जाती है, जिससे छोटे बच्चे और बुजुर्ग बेहाल हो रहे हैं। आज के इस जबरदस्त विरोध प्रदर्शन ने शासन और प्रशासन की नींद उड़ा दी है। अब देखना यह है कि, क्या सरकार इन मांगों पर कोई विचार करती है या यह आंदोलन आने वाले दिनों में और भी भयानक रूप अख्तियार करेगा। लखनऊ की सड़कों पर आज की गूंज यह बताने के लिए काफी थी कि बिजली की बढ़ती कीमतें और स्मार्ट मीटर अब एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनने जा रहे हैं।

लेखक के बारे में
मुस्कान सिंह
रिपोर्टर