लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र में देखे गए विलुप्त प्रजाति के 18 गिद्ध
लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र में शनिवार को एक गांव में गिद्ध का समूह ग्रामीणों के कौतूहल का विषय बन गया। यहां पद देवरी रुखारा गांव में स्थित एक नीम के पेंड पर लगभग 18 गिद्ध का समूह देखा गया। पिछले तीन दशक से लखनऊ और आसपास के जनपदों में गिद्ध विलुप्त हो चुके थे। जिनको दुधवा रिजर्व पार्क संरछित रुप देखा जा सकता था।लेकिन यहां देखे जाने पर पर्यावरण प्रेमियों और ग्रामीणों में खुशी देखी गई।
lucknow
8:00 PM, Jan 24, 2026
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पर्यावरण संतुलन के सजग प्रहरी गिद्ध के समूह ने बख्शी का तालाब क्षेत्र में जमाया डेरा सौ0 bma7.in
उत्तर प्रदेश।लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र में शनिवार को एक गांव में गिद्ध का समूह ग्रामीणों के कौतूहल का विषय बन गया। यहां पद देवरी रुखारा गांव में स्थित एक नीम के पेंड पर लगभग 18 गिद्ध का समूह देखा गया। पिछले तीन दशक से लखनऊ और आसपास के जनपदों में गिद्ध विलुप्त हो चुके थे। जिनको दुधवा रिजर्व पार्क संरछित रुप देखा जा सकता था।लेकिन यहां देखे जाने पर पर्यावरण प्रेमियों और ग्रामीणों में खुशी देखी गई।
भारत में गिद्ध विलुप्तप्राय प्रजातियों की श्रेणी में गिद्ध
देख में गिद्धों की आबादी 1990 के बाद अब तक 90 फीसदी से अधिक कम हो गई है। इसका प्रमुख कारण पशुओं के इलाज में प्रयुक्त दर्द निवारक दवा डाइक्लोफेनाक को बताया जा रहा है। जो गिद्धों के लिए किडनी फेलियर का कारण बनती है। इसकी वजह से गिद्ध की तीन प्रजातियां वाइट-रुम्पड,रेड-हेडेड और लॉन्ग-बिल्ड सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
गिद्धों की प्रजातियों पर प्रमुख संकट और कारण
गिद्धों के विलुप्त होने का मुख्य कारण डाइक्लोफेनाक युक्त दवाओं का सेवन है, जो मृत मवेशियों के शरीर के माध्यम से उनके शरीर में प्रवेश करती है। इसके साथ ही भोजन की कमी,कीटनाशक और प्राकृतिक निवास का विनाश शामिल है।
प्राकृतिक सफाई कर्मी पर प्रभाव
गिद्ध प्रकृति के सफाईकर्मी हैं। इनकी कमी से सड़े हुए जानवरों की लाशें पड़ी रहती हैं। जिससे आवारा कुत्तों की आबादी लगातार बढ़ती जा रही है। आए दिन इन आवारा कुत्तों द्वारा किसी न किसी व्यक्ति अथवा बच्चों का शिकार बनाया जा रहा है। इतना ही नही आवारा कुत्तों से रेबीज जैसे रोग फैले हैं।
यूपी के दुधवा टाइगर रिजर्व में संरछित गिद्ध
भारत में 9 प्रजातियां पाई जाती थीं, जिनमें से कई गंभीर रूप से संकटग्रस्त हैं। उत्तर प्रदेश में गिद्धों को बचाने के लिए भारत सरकार ने प्रजनन केंद्र स्थापित किए हैं। इसके साथ ही डाइक्लोफेनाक दवा को प्रतिबंधित कर दिया है। यूपी के दुधवा टाइगर रिजर्व जैसे क्षेत्रों में गिद्धों की दुर्लभ प्रजातियां में रेड-हेडेड गिद्ध को देखा जा सकता है।

लेखक के बारे में
अनिल कुमार सिंह
वरिष्ठ संवाददाता